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'बागबान' और बाबुल जैसी सुपरहिट फिल्मों के निर्देशक रवि चोपड़ा का निधन


बागबान और बाबुल जैसे पारिवारिक फ़िल्म के निर्देशक रवि चोपड़ा का आज निधन हो गया है. वह ६८ साल के थे और पिछले  कुछ सालो से बीमार चल रहे थे. रवि ने  अपना फ़िल्मी सफर १९७५ में अपनी पहली फिल्म  ज़मीर के  निर्देशन कर  सुरु किया था।  हलाकि इससे पहले वो  अपने पिता बी आर चोपडा के साथ दास्तान १९७२ और धुंध  १९७३ में सहायक निर्देशक के रूप में काम कर चुके थे।

पारिवारिक फिल्म बनाने के साथ साथ  रवि चोपडा  ने टीवी धारावाहिक  महाभारत का निर्देशन भी किया था। उनका निधन ऐसे समय में हुआ है जब उनके बेटे अभय बॉलीवुड में अपनी पहली फिल्म इत्तेफ़ाक़ (रीमेक)  बनाने का विचार कर रहे थे।  फिल्म इत्तेफ़ाक़ का निर्देशन यश चोपड़ा ने १९६९ में किया था और इस फिल्म में अभय चोपडा के पिता  रवि चोपडा ने सहायक निर्देशक  के रूप में काम किया था।  फिल्म निर्देशक रवि

अमिताभ से था खास लगाव 
बागबान, जमीर, द बर्निंग ट्रेन और बाबुल जैसी फिल्में बनाने वाले फिल्म निर्देशक रवि चोपडा को अमिताभ बच्चन से खास लगाव था। उनकी पहली फिल्म के हीरो अमिताभ थे और १९९२ में उनकी बॉलीवुड में वापसी करने वाली आवाज के नायक भी अमिताभ थे। बागबान और बाबुल जैसी सफल फिल्मो में बिग बी ने रवि के निर्देशन में कमल का अभिनय किया था।
बागबान दिलीप कुमार के साथ बी आर चोपडा बनाना चाहते थे 
दरअसल बी आर चोपडा फिल्म बागबान की कहानी दिलीप साहब के साथ १९७५ के समय बनाना चाहते थे।किन उस समय दिलीप साहब और बी आर चोपडा  अपने अपने दूसरे प्रोजेक्ट में लग गए और फिल्म का निर्माण उस समय नहीं हो सका।  लेकिन रवि जब अपनी पहली फिल्म ज़मीर की  शूटिंग कर रहे थे तो उनको एक पार्क  की जरुरत पड़ी थी और उस वक्त दिलीप साहब ने अपने घर का गार्ड न शूटिंग के लिए  था।  फिल्म ज़मीर की शूटिंग के समय रवि चोपडा ने अपने पिता की दिलीप कुमार को बागवान की फिल्म की कहानी सुनाते सुना था और उनको ये उस वक्त बहुत पसंद आई थी।  फिल्म तो उस वक्त नहीं बन पाई , और काफी समय बाद रवि ने जब अपने पिता बी आर रवि चोपडा से फिल्म बनाने के बारे में बात की तो उस वक्त बीमार चल रहे उनके पिता ने रवि को इस फिल्म का निर्देशन करने के लिए कहा।

सुपरहिट फिल्मों का निर्देशन

 
जमीर, बर्निंग ट्रेन, दहलीज, बागबान और बाबुल जैसी सुपरहिट फिल्मों का निर्देशन किया।





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