सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

उम्मीद वाली धूप, सनसाइन वाली आशा..


ब्यूटीफूल एड..ब्यूटीफूल सांग ..ब्यूटीफूल चिल्ड्रन


ये भले ही विज्ञापन हो पर जिस उम्मीद के साथ इस विज्ञापन में बच्चों ने भविष्य के प्रति उम्मीद से देखने  का जज्बा दिखाया है वह कमाल का है। कोको कोला का यह  विज्ञापन यू ट् यूब पर बहुत पसंद किया जा रहा है। बेहद खूबसूरत विज्ञापन,ब्यूटीफूल सांग . और इन मुस्कराते गुनगुनाते बच्चों को देखकर बिलीव करने का मन करता है क्योंकि ये बच्चे अपने अपने हिस्से का धूप का टुकड़ा जरुर खोज लेगें


गीत को वीडियो में देखें  



उम्मीद वाली धूप, सनसाइन वाली आशा

रोने की वजह कम है, हंसने के बहाने ज्यादा

जिद है मुस्कराएगें की, खुश रहने का है वादा
उम्मीद वाली धूप, सनसाइन वाली आशा..2

तुम दिल से अगर पूछो,  वो खुश रहना ही चाहे
तो खुल के खुशी लुटाओं, ये क्या है आधा आधा
उम्मीद वाली धूप, सनसाइन वाली आशा..3

टिप्पणियां

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

बीहड़ में बागी होते हैं , डकैत मिलते हैं पार्लियामेंट में : पानसिंह तोमर

बीहड़ में बागी  होते हैं , डकैत मिलते हैं पार्लियामेंट में : पानसिंह तोमर


पहले वह एक दयालु किसान था लेकिन कुछ बातों ने उसे औरों से अलग बनाती थी। जैसे.

1949 : उसने सेना को ज्वॉइन किया

1958 में उसने 3000 मीटर में स्टेपलचेस का नया नेशनल रिकार्ड बनाया।

1958 से1964 तक लगातार सात साल वह नेशनल चैंपियन बना।

लेकिन एक दिन वह सिस्टम से ऐसा नाराज हुआ की  बागी  बन गया। चंबल के इस भागी पान सिंह तोमर की कहानी को बॉक्स ऑफिस पर तिग्मांशु धूलिया लेकर आ रहे हैं। फिल्म का एक चर्चित संवाद आजकल चर्चा में हैं.

सवाल : आप डाकू क्यों बनें?

पानसिहं तोमर का जवाब:  बीहड़ में बागी  होते हैं , डकैत मिलते हैं पार्लियामेंट में

फिल्म में पान सिंह तोमर की भूमिका में बॉलीवुड के चर्चित अभिनेता इरफान खान नजर आएगें। फिल्म का पहला टीजर 7  फरवरी को रिलीज हुआ है।

भारतीय मूल के वैज्ञानिक वेंकटरमन रामाकृष्णनन को नोबल

जिंदगी की किताब की विशेष न्यूज। भारतीय मूल के अमेरिकी नागरिक वेंकटरमन रामाकृष्णनन, थॉमस स्टेट्जि और इजरायल की यदा योनेथ को संयुक्त रुप से रसानयन के श्रेत्र में की गई खोज राइबोसोम की संरचना के अध्ययन और खोज के लिए २००९ का नोबल प्राइज देने का ऐलान किया है।
द रॉयल स्वीडिस एकेडमी ऑफ साइंस ने कहा है कि राइबोसोम डीएनए कोड को जीवन के रुप में स्थानांनतरण करते है।
वेंकटरमण रामाकृष्णनन (भारतीय मूल के अमेरिकी नागरिक)
जन्म : १९५२ में भारती राज्य तमिलनाडू के चिदंबरम शिक्षा : ओहियो विश्वविद्यालय से 1९७६ में पीएचडी क्या है यह खास खोज : इन तिनो वैज्ञानिकों ने आणविक स्तर पर जैव कोशिका में राइबोसोम की संरचना और कार्यप्रणाली का पता लगाया है। यह कोशिका की सबसे जटिल प्रक्रियाओं में से एक है, इसी खोज के लिए निर्णायक मंडल ने इन वैज्ञानिकों ने तीनों वैज्ञानिकों को रसायन शास्त्र का यह नोबल प्राइज दिया है।राइबोसोम प्रोटीन पैदा करता है जो बदले में जीवति अंगो के रासायनिक तंत्र को नियंत्रित करने में अपनी भूमिका निभाता है।