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मुंबई फ्लैस डांस वीडियो 'रंग दे बसंती' की इंटरनेट पर धूम

राजेश यादव मुंबई. ठीक 3 साल बाद वहीं जहां आतंक से दहला था मुंबई, सीएसटी पर मुंबईकर जुटे और लेकिन इस बार शोनेन कोठारी एक आइडिए कि धुन पर थिरक उठा। और इस शहर ने आतंक से लड़ने का जज्बा फिर दिखा दिया। 4.52 मिनट पर सीएसटी के रेलवे स्टेशन पर 'रंग दे बसंती' गीत का बजना और कुछ छड़ों बाद युवाओं का समूह झूम उठा.इस नजारे को जिसने देखा वो साथ हो लिया ,मुंबई सीएसटी गीत और डांस के रंग में डूब गया । शोनेन कोठारी का आइडिया काम कर गया और इस तरह से मुंबई का पहले फ्लैश मोब सुपर हिट हो गया। यू ट्यूब पर जिसने भी देखा वह बोल पड़ा ऑशम यार कमाल कर दिया। नवंबर के महीने में कुछ सालों पहले आप ने आतंक देखा था लेकिन शोनेन कोठारी ने फ्लैश मॉब का इतना सफल आयोजन किया कि सीएसटी पर रंग दे बंसती गीत पर झूमते लोगों को देखकर ऐसा लग रहा था मानो मुंबई मनोरंजन, और कला के दम पर आतंक को व्यंग में जवाब दे रही हो। ४ से ६क् साल के आयुवर्ग के लोग इस फ्लैश मोब के माध्यम से 26 नवंबर 2008 के आतंकी हमले में मारे गए लोगों को अपनी तरफ से श्रंदाजलि दी।स्टेशन के एनाउंसमेंट सिंस्टम से रंग दे बसंती का टाइटल ट्रैक बजा जिस पर इस फ्लैश मोब में लोगों ने भाग लिया। मुंबई का यह पहला फ्लैश मोब इंटरनेट पर वायरल बन चुका है और यू ट्यूब , फेसबुक और ट्विटर पर इसकी खूब चर्चा हो रही है। यू ट्यूब इस वीडियो को बहुत पंसद किया जा रहा है और 4 से 60 साल के आयुवर्ग को झूमते नाचते गाते देखकर जय हिन्द और वंदेमातम़ के फीडबैक पोस्ट किए जा रहे है। कैसे हुई शुरुआत:
इस इवेंट की सफलता का पूरा क्रेडिट 23 साल की शोनेन कोठारी को है जिन्होंने लंदन में हावर्ड की पढ़ाई के दौरान इस तरह के कला आंदोलन होते हुए देखा था। शोनेन भी ऐसा भारत में करना चाहती थी और मुंबई में उन्होंने इसे कर दिखाया। शुरुआत में 20 दोस्तों के साथ अपने इस आइडिए को बताया और इस मुहिम को आगे बढ़ाया। कारवां बढ़ा लोगों की संख्या ३क्क् से ऊपर पहुंची। लोगों के ट्रेंड करने के लिए कोरियोग्राफर भौमिक शाह की मदद शोनेन ने ली। पूरे कार्यक्रम की वीडियो फिल्मांकन से लेकर , अभ्यास के लिए जगह की तलाश और सभी तरह के खर्चे शोनेन कोठारी ने अपनी जेब से खर्च किए। बड़ी मुश्किल से मनाया रेलवे को सीएसटी पर फ्लैश मोब की अनुमति शोनेन को बहुत मुश्किल से मिली। उनको पहले कोई खास उत्साहजनक जवाब नहीं मिला था लेकिन जब उन्होंने अपने लेपटॉप से संसार में अन्य स्थानों पर होने वाले आंदोलन के बारे में बताया तो अधिकारी इस शर्त पर तैयार हुए कि आप यह पूरा आयोजन रंग दे बंसती गीत पर ही करेगी। और उसके बाद जो हुआ उसने अचानक शोनेन कोठारी को इंटरनेट जगत में चर्चा में ला दिया। वो कुछ असाधारण काम करना चाहती थी और उन्होंने जो सोचा कर दिखाया। इस फ्लैश मोब को देखकर मनोज बदरा लिखते हैं शानदार.. क्या एनर्जी लेवल है..टू गुड..साधारण और अद्भुत। तो विजेन्द्र अपना फीडबैक देते हुए लिखते है कमाल है यार, आश्चर्यचकित कर दिया। क्या है फ्लैश मोब: यह ऐसे लोगों का समूह होता है जो अचानक किसी स्थान पर आते है और मनोरंजन, कोई कलात्मक अभिव्यक्ति या फिर व्यंग की भाषा में प्रदर्शन करते हैं।इस तरह का पहला समूह 2003 में मैनहट्ट में दिखा था जिसको हार्पर पत्रिका के वरिष्ठ संपादक बिल वासिक ने फ्लैश मोब का नाम दिया था। यू ट्यूब पर 5 लाख हिट्स और 11000 हजार 3 हजार से अधिक कमेंट शोनेन कोठारी द्वारा यू टच्यूब पर अपलोड किए गए इस फ्लैश मॉब वीडियो को अभी तक 5 लाख से अधिक लोगों ने डाउनलोड किया है और 3 हजार से अधिक लोगों ने इस पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। 11 हजार से अधिक लोगों ने इसे अपनी पंसद के रुप में चुना है।

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