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एनिमेशन फिल्मों का पहला देसी सुपर हीरो ‘सुपर k’



फिल्म :‘सुपर के’


रेटिंग : * * *

निर्देशक : स्मिता मारू, विजय भानुशाली

निर्माता : स्मिता मारू

कलाकार : सुपर के, बदमाश, सायबरबाबा, डॉ. ओजाक्स, अचानक, भयानक
पटकथा : विभा सिंह, जसपिंदर एस. कंग

श्रेणी : एनिमेशन फिल्म

1, 2..9, 10 गिनते हुए हवा में उड़ता है, वह आंधियां चलाता है, वह ओले बरसाता है, वह हर तरह के मैजिक दिखाते हुए किड पॉवर को साथ लेकर काली दुनिया के बैड मैन ‘डॉ. ओजाक्स’ से भिड़ जाता है। जी हां, ‘सुपर के’ एनिमेशन फिल्मों का ऐसा पहला सुपर हीरो है जिसे क्रिएट किया गया है। इससे पहले भारत में बनीं जो भी एनिमेशन फिल्मों में जो भी सुपर हीरो आए वो कहीं न कहीं धार्मिक कहानियों से प्रेरित थे। इस फिल्म को हिन्दी और अंग्रेजी में ऑनलाइन याहू मूवीज पर रिलीज किया गया है। इसे मुफ्त देखा सकता है।
‘सुपर के’ का क्यूट लुक और उसका सुपर पॉवर मैजिक बच्चों के बीच खासा लोकप्रिय हो सकता है। ‘सुपर के’ का क्रेज अगर ऑनलाइन चल जाता है तो भारत में एनिमेशन फिल्मों की रिलीज के लिए इंटरनेट एक बड़ा मार्केट साबित हो सकता है।
कहानी : स्वप्न नगरी के अच्छे लोगों और काली दुनिया के बुरे लोगों के बीच की जंग है। मेघराज का सिरफिरा भाई काली राज जो काली दुनिया में चला गया था राजा बनना चाहता है। वह प्रयोग करता है, लेकिन ‘अचानक’ और ‘भयानक’ की एक भूल से ‘सुपर के’ का जन्म होता है। ‘सुपर के’ को शक्तियों का ज्ञान सायबर बाबा कराते हैं,और वो बुराई के खिलाफ लड़ता है।
वह बताते हैं कि किस तरह से उसको स्वप्न नगरी के राजा मेघराज और अन्य लोगों को काली दुनिया के डॉ. ओजाक्स और राह से भटके काली राज से लड़ना है। ‘सुपर के’ अपनी दोस्त रिमझिम और अन्य दूसरे बच्चों को साथ लेकर एक किड पॉवर बनाता है और ‘डॉ. ओजाक्स’ से लड़ता है।





क्या है खास : फिल्म में ‘सुपर के’ का क्यूट लुक बच्चों को पसंद आएगा। उसका हवा में उड़ना, कलाबाजी और उसका जादू पंसद आएगा। ‘ऐ इसका डाइपर लीक हो रेला है.. सूसूनामियां आ गया भागो’, ‘अचानक भाई इसकी थूक तो गुलाबी है.. अबे थूक नहीं है ढक्कन ये कोहिनूर का हीरा है’ अचानक और भयानक की इन बातों को सुनकर बच्चों के साथ ही बड़े भी खिलखिला उठेंगे। ‘काली राज’ का चरित्र भी लोकप्रिय होगा। लेकिन बच्चों के बीच सबसे अधिक रोचक ‘डॉ. ओजाक्स’ की शैतानी हरकतें और ‘सुपर के’ की ताकत के बीच की जंग का क्रेज ज्यादा रहेगा। ‘सुपर के’ 1,2....9,10 करते हुए हवा में उड़ना ‘शक्तिमान’ की याद दिलाता है वहीं अचानक और भयानक को देखकर आपको ‘चंद्रकांता ’ के नाजिम और अमिर की याद आ जाएगी।


शेमारु ने इससे पहले ‘बाल गणोश’ और ‘घटोत्कच ’जैसी संगीत प्रधान एनिमेटेड फिल्में बनाई है लेकिन ‘सुपर के’ में टाइटल सांग को छोड़कर कोई गीत नहीं है, एक दो गीत की गुजाइंस बनती थी। विभा सिंह ने फिल्म की पटकथा पर अच्छा काम किया है । खासकर संवाद बहुत उम्दा और बच्चों के बीच लोकप्रिय होने वाले लिखे हैं। ‘ए अपुन के लिए रोज हीरे बनाएगा और अपुन हीरालाल हो जाएगा’..‘सारी मेहनत पर एसिड फेर दिया ’.जैसे संवाद कमाल के बन पड़े है।
फिल्म में ‘सुपर के’ का एनिमेशन चरित्र शानदार है। ‘सुपर के’ भारत का पहला क्रिएटेड हीरो है इसलिए कहानी में नयापन है और ये सारे चरित्र बच्चों के लिए नए है। सबसे खास बात इसे आप ऑनलाइन याहूमूवीप्लेकस वेबसाइट पर कहीं भी कभी भी देख सकते है और वह भी बिल्कुल मुफ्त। फिल्म में बैगग्राउंड म्यूजिक और बेहतरीन एनिमेशन देखना रोचक अनुभव साबित होगा। वैसे तो यह फिल्म इंटरनेट पर रिलीज हुई है लेकिन अगर इसे सिनेमाघरों में रिलीज किया जाएगा तो इसे वहां दर्शक मिलेगें ।

राजेश यादव

















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