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...सलामत रहे दोस्ताना हमारा




फ्रेंडशिफ डे पर विशेष :बॉलीवुड की फिल्मों में दोस्ती पर आधारित फिल्मों ने खूब रंग जमाया है। दोस्ती पर आधारित कुछ खास गीत॥





दोस्ती : मेरी दोस्ती मेरा प्यार





1964 में फिल्म दोस्ती बॉक्स ऑफिस पर सुपरहिट रही थी और इसे बेहद पसंद किया गया था। फिल्म दोस्ती पर आधारित कहानी, बेहतरीन गीत और सुधीर कुमार और सुशील कुमार के अभिनय के चलते फिल्म हिट रही।



शोले : ये दोस्ती हम नहीं छोड़ेगें



जय और वीरू के दोस्ताने पर आधारित फिल्म शोले का यह गीत बेहद पसंद किया गया।यूं तो शोले की हर बात हिट थी लेकिन इस भावनात्मक गीत ने लोगों के दिलों को छू लिया।





यॉरी है ईमान मेरा यार मेरी जिंदगी= फिल्म जंजीर





खास बात :1975 की सुपरहिट जंजीर फिल्म के इस गीत को मन्ना डे ने गाया था और पठान के रोल में प्राण ने फिल्म के नॉयक अमिताभ बच्चन के साथ गजब की दोस्ती को निभाया था।





1977 = धरमवीर





फिल्म धरमवीर1977में रिलीज हुई थी और दो दोस्तों की दोस्ताने पर आधारित इस फिल्म ने दोस्ती जैसे रिश्तों के भावनात्मक पक्ष के ई मेल को किस तरह निभाते है उसकी एक मिशाल पेश की थी जिसे बेहद पंसद किया गया था। दोस्ती जैसे रिश्ते को किस तरह से संभाला जाता है इस बात को यह फिल्म बेहद शानदार अंदाज में दिखाती है। जीतेंद्र और धर्मे ंद्र ने बेहद शानदार अभिनय किया था।





1980 : बने चाहे दुश्मन ये जमाना हमारा... सलामत रहे दोस्ताना हमारा




मोहम्मद रफी और किशोर कुमार की आजाज में फिल्म दोस्ताना के लिए गाया गया बेहद शानदार गीत । इस गाने में अमिताभ बच्चन और शत्रुधन सिन्हा साथ साथ नजर आए थे।





1984 : तेरे जैसा यार कहाँ





एक बार फिर अमिताभ बच्चन याराना जैसी फिल्म में बेहतरीन दोस्त के रूप में नजर आए। याराना के इस गीत को किशोर कुमार ने अपनी बेहतरीन आवाज से संवारा था। 70और 80 के दशक में दोस्ती पर आधारित फिल्मों में शोले, जंजीर ,धरमवी, दोस्ताना, और याराना ,खास तौर से पहचानी जाती है जिसमें धरमवीर को छोड़कर बाकी चार फिल्मों में अमिताभ बच्चन खास तौर से थे। जंजीर, शोले, दोस्ताना और याराना अमिताभ बच्चन की वे फिल्में हैं जिन्होंने बॉक्स ऑफिस पर गजब की सफलता अर्जित की थी।
नफरत की दुनिया को छोड़के खुश रहना मेरे यार॥हाथी मेरे साथी





लेकिन बॉलीवुड में ऐसी फिल्में भी रही है जिसमें मानव और जानवरों के बीच भावनात्म दोस्ती देखने को मिली है और इन फिल्मों ने भी बॉक्स ऑफिस पर कमाल की सफलता हासिल की है। फिल्म हाथी मेरे साथी में राजेश खन्ना ने ऐसे दोस्ताने को परदे पर जिया था और मोहम्मद रफी द्वारा फिल्म के लिए गाया गया गीत नफरत की दुनिया को छोड़के खुश रहना मेरे यार॥जिस भावनात्मक अंदाज में गाया कि इस गीत को देखने और सुनने वाला इंसान भावुक हो जाए। दोस्तों दोस्ती की बात ही जुदा है चाहे वह दो इंसानों के बीच हो या एक इंसान और पशु के बीच..प्यार का भावनात्म रिश्ता दोस्ती को अलग मुकाम देता है।




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