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न्यूज ऑफ द वर्ल्ड गुडबाय : 168 साल, 8764 संस्करण ,रोज 70 लाख पचास हजार पाठक







जी हां आज से 168 साल पहले समाचार पत्र के संसार में एक न्यूज ऑफ द वर्ल्ड की शुरूआत जिस शानदार अंदाज में हुई थी और आज थैंक्यू एंड गुडबाय के संबोधन के साथ उस पर विराम लग रहा है। यूके में समाचार पत्र पढ़ने वाले पाठकों को इस बात पर विश्वास नहीं हो रहा है कि वह समाचार पत्र जो उनकी आदत बन चुका था उसके बिना रविावार का दिन गुजारना पड़ेगा। लेकिन शक्तिशाली लोगों के स्कैंडल को उजागर करने वाला और गॉसिप की संसार में अन्य लोगों से अलग रहने वाला यह समाचार पत्र फोन हैकिंग के विवाद में ऐसा उलझा की नैतिकता के आधार पर खुद ही समाचार पत्र बंद करने का फैसला करने में भी रुपर्ट मडरेक ने संकोच नहीं किया।






अगर पूरे मामलें को बेहद सामान्य भाषा में समझना चाहे तो साप्ताहिक समाचार पत्र न्यूज ऑफ द वर्ल्ड के निजी जासूस ग्लेन मुलकेयर की खोजी पत्रकारिता की कीमत न्यूज ऑफ द वर्ल्ड को आज अपने आखिरी अंक को निकालने के रूप में करनी पड़ रही है। ग्लेन मुलकेयर समाचार पत्र के लिए निजी जासूसी करता था और इस पूरे मामलें में उस वक्त सनसनी फैल गई जब ग्लेन के पास से ४,३३२ लोगों के नाम मिले और २,९८७ लोगों के मोबाइल नबंर के साथ ९१ लोगों के पिनकोड भी।ग्लेन लोगों के फोन हैक कर लिया करता था । इस सूची में बड़ी हस्तियों के थे लेकिन कुछ अन्य मामलें भी सामने आए। ग्लेन लोगों के मोबाइल से वॉयस मेल हैक करने में सक्षम था। इस मामलें में प्रिस हैरी के फोन हैकिंग और उनके घुटने के दर्द की खबर मीडिया में सुर्खिया बनी थी ।






फोन हैकिंग में एक लापता लड़की मिली डाउलर के फोन हैकिंग और उसके कुछ संदेशों को मिटाने के बाद तो हंगामा मच गया क्योंकि इस लड़की की हत्या एक चौकीदार कर चुका था। पुलिस इस लड़की को खोज रही थी लेकिन इसी बीच लड़की का फोन ग्लन हैक कर लेता है और उसके वॉयस मेल के संदेशों को मिटा देता है, चूंकि मिली डाउलर को वॉसयमेल भर चुका था और उसके हटाए जाने के बाद उसके माता पिता को लगता है कि मिली जिंदा है और वे इस झूठी उम्मीद पाल लेते है कि हो ना हो उनकी बेटी जिंदा हो। पर मिली की हत्या तो एक नाइट क्लब का चौकीदार पहले ही कर चुका होता है और जब यह पूरा मामला मीडिया में आता है तो न्यूज ऑफ द वर्ल्ड के निजी जासूस ग्लेन की आलोचना होती है कि आखिर क्यों उसने मिली का फौन हैक किया और उसके वॉयस मेल को डिलीट किया, आखिर क्यों उसने एक मृत लड़की के माता पिता को उनकी बेटी के जिंदा होने का आभास दिलाया। कुल मिलाकर यके के सबसे प्रतिष्ठत समाचार पत्र से जुड़े लोगों ने एक खबर के लिए जिस अमानवीय अंदाज में काम किया वह बेहद अमानवीय माना गया । पूरे मामलें पर जांच चल रही है लेकिन फोन हैकिंग के इस पूरे विवाद में न्यूज ऑफ द वर्ल्ड ने अपने समाचार पत्र को बंद करने का फैसला किया है।




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