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साइंस फिक्शन की नई स्काईलाइन

निर्माता निर्देशक : ब्रदर्स स्ट्रॉस
कलाकार : एरिक बालफोर, स्कॉटी थॉमसन, डेविड जायॅस, डोनाल्ड पैसन
रेटिंग : **
अगर आप साइंस फिक्शन पर आधारित फिल्मों को पसंद करते हैं तो स्काईलाइन आपको पसंद आएगी। निर्माता निर्देशक ब्रदर्स स्ट्रॉस की इस फिल्म में स्पेशल इफेक्ट और साउंड तो जबरदस्त है लेकिन कहानी बेहद कमजोर है। फिल्म में एलियंस का आक्रमण और चार दोस्तों द्वारा उसे असफल करने का संघर्ष दिखाया गया है, जिसके बैकग्राउंड में लॉस एंजिलस शहर है। फिल्म की सबसे खास बात उसके स्पेशल ३ डी इफेक्ट है। निर्देशकों ने पात्रों के डर, संघर्ष और खौफ की भावनाओं को बेहद गहराई से दिखाया है।
सभी कलाकारों बेहतर काम किया है लेकिन यह साइंस फिक्शन की स्टारवॉर और अवतार जैसी क्लासिकल फिल्मों की तुलना में स्काईलाइन बहुत औसत दर्जे की फिल्म है।
फिल्म में दिखाया गया है कि दोस्तों का एक समूह रात को पार्टी करने के बाद किस तरह से एलियंस के आक्रमण की चपेट में आता है।रात के अंधेरे में एलियंस की नीलाभ रोशनी के साथ शहर में उतरते है और इस रोशनी की चपेट में आकर लोग बे मौत मरने लगते है। इसके बाद की कहानी हिन्दी फिल्मों की तरह विलेन और हीरो के संघर्ष की परंपरागत दास्तान है। जिसमें जेराड (बालफोर), एलीनी (थॉमसन ) टैरी (पैसन) जश्न की एक रात के बाद एलियंस के आक्रमण से दो चार होते है। पूरी फिल्म एलियंस द्वारा मानव पर आक्रमण के संघर्ष की कहानी कहती है। प्रभाव पैदा करने वाले साउंड, एलियंस द्वारा ब्लू लाइट के साथ धरती पर उतरने का सीन बेहतरीन बन पड़ा है। कोलिन और ग्रेग स्ट्रॉस द्वारा बनाई गई इस फिल्म को साइंस फिक्शन को पसंद करने वाले दर्शक पसंद कर सकते हैं, लेकिन स्पेशल इफेक्ट को छोड़ दिया जाए तो यह फिल्म निराश करती है।
फिल्म में खास क्या : पुरानी पीढ़ी की फिल्मों से अलग इस फिल्म में स्पेशल इफेक्ट की कुछ नई तकनीक देखने में आई। कैमरा एंगल और लांग शॉट के कुछ सीन तो ऐसे है जो इससे पहले देखने में नहीं आए। एलियंस की तकनीक ताकत के सामने भावनात्मक आवेग के कई सीन कमाल के हैं विशेष रूप से अपनी गर्भवती प्रेमिका को एलियंस के कहर से बचाने वाले दृश्य में नायक का बेखौफ होकर नीलाभ रोशनी से निकलती मौत से भिड़ जाता है। इस फिल्म की शुरुआत और क्लाइमेक्स दोनों ही नए तरह के हैं और दर्शक को सीधे फिल्म से जोड़ देते हैं अगर बोझिल करने वाले कुछ दृश्य और पटकथा में कुछ कसावट और ला दी जाती तो निश्चय ही यह फिल्म बड़े दर्शक वर्ग को खींचने में कामयाब होती। हालांकि इस सप्ताह बॉलीवुड की किसी बड़ी फिल्म के रिलीज न होने का फायदा निश्चित ही स्काईलाइन को मिलेगा। कुल मिलाकर साइंस फिक्शन को पसंद करने वाले दर्शकों के लिए यह फिल्म इस सप्ताह की अच्छी सौगात हो सकती है।
राजेश यादवफिल्म समीक्षा

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