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फिल्म समीक्षा : ‘3 इडियट’ जो दिल की सुनते हैं

निर्देशक :राजकुमार हिरानी
लेखक : राजू हिरानी, अभिजीत जोशी
संगीत : शांतनु मोइत्रा
गीतकार : स्वानंद किरकरे
कलाकार : आमिर खान, आर. माधवन, शरमन जोशी
प्रोड्यूसर : विधू विनोद चोपड़ा
निर्देशक राजू हिरानी की नई फिल्म ‘3 इडियट’ दर्शकों को ऐसे इडियट से रूबरु कराती है जो कुछ अलग है। ऐसे इडियट जो दिल से सोचते है और जिदंगी को दिल से जीते है। निर्देशक ने फिल्म में बताया है कि जिंदगी में वह इंसान सफल है जिसने अपने दिल की बात सुनकर अपनी जिंदगी के सपनों को जिया है। फिल्म कहती है कि हमारी शिक्षा व्यवस्था ऐसी है जो नंबरो की रेस में दौड़ने वाले ऐसे घोड़े तैयार करती है जो जिंदगी की रेस में बिना आजू -बाजू देखें सरपट दौड़ कर जीतना जानते है। निर्देशक राजू हिरानी की यह फिल्म एक सवाल करती है क्या परीक्षाओं में बेहतर नंबर लाना ही सफल होने की शर्त है?

फिल्म की पटकथा में कॉमेडी है, भावुक सीन भी है और कॉलेज के दिनों वाली मस्ती भी लेकिन इन सब बातों के बावजूद इस बार राजू हिरानी चूकते से नजर आते है। कुछ कॉमेडी सीन छोड़ दिए जाए तो शेष औसत ही और कुछ नए का बोध नहीं कराते है। दरअसल इसमें निर्देशक राजू हिरानी का नहीं उनकी पुरानी हिट फिल्मों का ज्यादा दोष है जिसकी कुछ बातों को कुछ नए अंदाज में दोहराने का प्रयास किया गया है।

जहां तक फिल्म की कहानी की बात है तो यह पाइव पाइंट समवन पर आधारित है। फिल्म इंजीनियरिंग कालेज के छात्र रणछोड़दास सामलदास छांछड़ उर्फ रांचो(आमिर खान), एक ऐसा जीनियस है जो कुछ हटकर है और नैचुरल जीनियस है, वह ड्रीमर है लेकिन दिल से सोचता है और कुछ दार्शनिक सोच भी रखता है, रांचो के दो दोस्त फरहान (माधवन) जो कि बनना तो वाइल्ड लाइफ फोटोग्राफर चाहता था लेकिन मां बाप के सपनों को पूरा करने के लिए इंजीनियरिंग में प्रवेश लेता है,वहीं राजू रस्तोगी (शरमन जोशी) पर आधारित है। राजू मध्यमवर्गी परिवार से है और अपने परिवार की आर्थिक हालात बेहतर करने के लिए बेहतर नौकरी की आस में इंजीनियरिंग कर रहा है।

फिल्म में बोमन ईरानी ने एक ऐसे प्रोफेसर का रोल किया जो मेधावी छात्रों को ही पसंद करते है और रांचो, फरहान और राजू उनकी लिस्ट में इडियट है वहीं जो छात्र उनकी नजर में बेहतर है वह इन तिनों की नजर में तोता रंटत छात्र है जिसे वे साइलेंसर कहकर पुकारते है। फिल्म की कहानी फ्लेश बैक में चलती है जिसमें कई उतार चढ़ाव के बाद सबको पता चलता है कि जिसे वह इडियट समझते थे दरअसल वे कहीं ज्यादा सफल है, रांचो वैज्ञानिक है , फरहान वाइल्ड लाइफ फोटोग्राफर बन जाता है और राजू अपनी मेहनत से बेहतर जॉब पा जाता है।

फिल्म में आमिर खान का अभिनय बेहतरीन है और माधवन और शरमन ने भी उम्दा काम किया है। फिल्म में गीत -संगीत मधुरता का अहसास दिलाते है । करीना कपूर और आमिर खान की जोड़ी बेहतरीन है और करीना ने उम्दा काम किया है।

सबसे खास बात फिल्म का लेखन है जिसके लिए आप राजू हिरानी और अभिजीत जोशी ने काफी बेहतर काम किया है, लेकिन अगर कॉमेडी सीन में कुछ नया कर पाते तो और बेहतर बात होती है। राजू की पुरानी फिल्मों की कुछ बातों को यहां रिपीट करने का प्रयास किया गया है। राजू हिरानी ने इससे पहले दो इतनी बड़ी फिल्में बनाई है जिसके कद के आगे ‘३ इडियट’ का जादू कुछ फीका नजर आता है लेकिन इसमें ऐसा बहुत कुछ है जो सोचने पर मजबूर करता है। इन सब बातों के बावजूद अगर आप अपने दिल की बात सुनने वाले इंसान है तो यह फिल्म आपको पसंद आएगी और इसे आप देखना पसंद करेंगे।
Rajesh Yadav

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