सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

जिंदगी की पटकथा में खूबसूरती की तलाश करते प्रेम


हर चेहरा एक कविता है, किसी को कितना समझोगे , चेहरे पर सुख की छाया और गम की धूप आती और जाती है, और इसी से बनती है जिंदगी की किताब। पर कुछ लोग जिंदगी की इस किताब को बड़े खूबसूरत अंदाज में ना केवल पढ़ते है बल्कि वो उसे जीते भी है। ऐसा ही खूबसूरत नाम है प्रेम आर सोनी का जिनके निर्देशन में बनीं पहली फिल्म ‘मैं और मिसेज खन्ना’है। कहते है नाम में क्या रखा है? लेकिन जिसके नाम में ही प्रेम हो और जो आइडिया ऑफ लव के प्रति मुग्धता की हद तक डूबा हो उसकी जिंदगी की पटकथा में प्यार की शब्द रहित भाषा के मायने कुछ खास हो जाते है।

कैमरे के माध्यम से जिंदगी की बातों को परदे पर फिल्मांकन करना एक लेखक, एक फिल्मकार के लिए बहुत खास होता है, मुंबई में जन्में और मैड्रिड में पले बड़े प्रेम सोनी के लिए भी फिल्म निमार्ण पहले प्यार की तरह है। प्रेम का मानना है कि जिंदगी एक किताब है और अगर आप भ्रमण नहीं करते है तो आप केवल जिंदगी के पेज पड़ते है॥और मुंबई से मैड्रिड तक की इस यात्रा में प्रेम आर सोनी बेहद किस्मत वाले रहे है जिन्होंने जिंदगी के कुछ पेज पड़े है। ईश्वर हर इंसान को कुछ ना कुछ तोहफा देता है.. और प्रेम सोनी की जिंदगी में ईमानदारी रुपी एक खूबसूरत गिफ्ट है।

हम सब जिंदगी को खूबसूरत बनाने के लिए अपनी अपनी सोच के साथ जिंदगी जीते है, खुश हुए तो दोस्तों के साथ फिल्म देख ली और विधाता की लिखी पटकथा में में गम आने पर अकेले में भी फिल्म देख लेते है। प्रेम ने भी कई बार ऐसा किया है, खुशी क्या है? प्यार किसे कहते है ?और लाईफ को ब्यूटीफुल बनाने के लिए इंसान क्या सोचता है? ये कुछ ऐसे प्रश्न है जिसकी तलाश करते करते प्रेम सोनी ने ‘मैं और मिसेज खन्ना’नामक फिल्म का निमार्ण किया है। इंसान खूबसूरत जिंदगी जीना चाहता है, लेकिन जिंदगी किन बातों से खूबसूरत बनती है? एक इसांन ब्यूटीफुल लाईफ के लिए सफलता और स्वास्थ्य को जरूरी मानता है तो वहीं दूसरा इंसान दोस्ती, हंसी और आजादी में जिंदगी की खूबसूरती देखता है।

वहीं किसी के लिए जिंदगी में प्यार ,भरोसेमंद साथी और बेपनाह समर्थन को होना ही जिंदगी की खूबसरती की झलक होती है। लोगों की इसी सोच को ध्यान में रखते हुए बॉलीवुड के इस युवा निर्देशक ने ‘मैं और मिसेज खन्ना’ का निमार्ण किया है...इस दिपावली पर जिंदगी में खूबसूरती की बांते करने वाली फिल्म का आना अपने आप में बेहद खास बात है।
Rajeshyadav

टिप्पणियां

Dr. Zakir Ali Rajnish ने कहा…
दीपपर्व की अशेष शुभकामनाएँ।
आपकी लेखनी से साहित्य जगत जगमगाए।
लक्ष्मी जी आपका बैलेंस, मंहगाई की तरह रोड बढ़ाएँ।

-------------------------
पर्यावरण और ब्लॉगिंग को भी सुरक्षित बनाएं।

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

बीहड़ में बागी होते हैं , डकैत मिलते हैं पार्लियामेंट में : पानसिंह तोमर

बीहड़ में बागी  होते हैं , डकैत मिलते हैं पार्लियामेंट में : पानसिंह तोमर


पहले वह एक दयालु किसान था लेकिन कुछ बातों ने उसे औरों से अलग बनाती थी। जैसे.

1949 : उसने सेना को ज्वॉइन किया

1958 में उसने 3000 मीटर में स्टेपलचेस का नया नेशनल रिकार्ड बनाया।

1958 से1964 तक लगातार सात साल वह नेशनल चैंपियन बना।

लेकिन एक दिन वह सिस्टम से ऐसा नाराज हुआ की  बागी  बन गया। चंबल के इस भागी पान सिंह तोमर की कहानी को बॉक्स ऑफिस पर तिग्मांशु धूलिया लेकर आ रहे हैं। फिल्म का एक चर्चित संवाद आजकल चर्चा में हैं.

सवाल : आप डाकू क्यों बनें?

पानसिहं तोमर का जवाब:  बीहड़ में बागी  होते हैं , डकैत मिलते हैं पार्लियामेंट में

फिल्म में पान सिंह तोमर की भूमिका में बॉलीवुड के चर्चित अभिनेता इरफान खान नजर आएगें। फिल्म का पहला टीजर 7  फरवरी को रिलीज हुआ है।

भारतीय मूल के वैज्ञानिक वेंकटरमन रामाकृष्णनन को नोबल

जिंदगी की किताब की विशेष न्यूज। भारतीय मूल के अमेरिकी नागरिक वेंकटरमन रामाकृष्णनन, थॉमस स्टेट्जि और इजरायल की यदा योनेथ को संयुक्त रुप से रसानयन के श्रेत्र में की गई खोज राइबोसोम की संरचना के अध्ययन और खोज के लिए २००९ का नोबल प्राइज देने का ऐलान किया है।
द रॉयल स्वीडिस एकेडमी ऑफ साइंस ने कहा है कि राइबोसोम डीएनए कोड को जीवन के रुप में स्थानांनतरण करते है।
वेंकटरमण रामाकृष्णनन (भारतीय मूल के अमेरिकी नागरिक)
जन्म : १९५२ में भारती राज्य तमिलनाडू के चिदंबरम शिक्षा : ओहियो विश्वविद्यालय से 1९७६ में पीएचडी क्या है यह खास खोज : इन तिनो वैज्ञानिकों ने आणविक स्तर पर जैव कोशिका में राइबोसोम की संरचना और कार्यप्रणाली का पता लगाया है। यह कोशिका की सबसे जटिल प्रक्रियाओं में से एक है, इसी खोज के लिए निर्णायक मंडल ने इन वैज्ञानिकों ने तीनों वैज्ञानिकों को रसायन शास्त्र का यह नोबल प्राइज दिया है।राइबोसोम प्रोटीन पैदा करता है जो बदले में जीवति अंगो के रासायनिक तंत्र को नियंत्रित करने में अपनी भूमिका निभाता है।