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ऑस्कर अवार्ड के लिए भारत की आधिकारिक फिल्म ‘हरिश्चंद्राजी फैक्टरी’


मराठी फिल्म हरिश्चंद्राजी फैक्टरी को फिल्म फेडरेशन ऑफ इंडिया ने विदेशी भाषा की श्रेणी के तहत ऑस्कर अवार्ड समारोह में भारत की तरफ से आधिकारिक फिल्म के रुप में भेजने का फैसला किया है।

मराठी थियेटर में पिछले २क् साल से सक्रिय परेश मोकासी ने फिल्म का निर्देशन किया है। इस फिल्म के निमार्ण बहुत ही कम बजट में किया गया है। यह फिल्म जनवरी माह में पूरी तरह से बन गई थी। भारत के विभिन्न हिस्सों में यह बहुत जल्द ही रिलीज की जाएगी।
यह फिल्म भारत में सिनेमा के आरंभ की कहानी कहती है और दादा साहेब फाल्के द्वारा बनाई गई राजा हरिश्चंद्र के निमार्ण की कहानी कहती है। इस फिल्म में बताया गया है कि किस तरह से दादा साहेब ने भारत की पहली फिल्म राजा हरिशचदं्र को बनाने में संघर्ष किया था। फिल्म ने अभी तक कई फिल्ममहोत्सव में अवार्ड जीतें है।
अगले माह से फिल्म के लिए अभियान शुरु होगा

फिल्म के निर्देशक परेश जी ने कहा है कि वे अपनी इस फिल्म के लिए अगले माह से प्रचार अभियान शुरु करेगें। उन्होंने बताया है कि आशुतोष गोवारिकर, आमिर खान और श्वास फिल्म के निर्देशक संदीप सांवत ने फिल्म के प्रमोशन में मदद करने का आश्वासन दिया है।

गौरतलब है कि मराठी फिल्म श्वास भी २क्क्४ में भारत की तरफ से आस्कर अवार्ड के लिए भेजी गई थी।
ऑस्कर में अब तक भारत
भारत ने आधिकारिक रूप से इससे पहले 43फिल्मों को भेजा है और ‘हरिश्चंद्राजी फैक्टरी’ भारत की तरफ से ऑस्कर अवार्ड के लिए 44वी फिल्म है। भारत ने सबसे पहले १९५७ में सबसे पहले मदर इंडिया को ऑस्कर अवार्ड के लिए भेजा था।

तीन खास फिल्में जो अंतिम पांच में स्थान बना

‘मदर इंडिया : 1957 में हिन्दी भाषा में मेहबूब के निर्देशन में बनी यह फिल्म अंतिम पांच में स्थान तो बनाने में सफल रहीं लेकिन अवार्ड नहीं जीत सकी थी।
‘सलाम बॉम्बे’ : मीरा नॉयर के निर्देशन में बनी हिन्दी फिल्म सलाम बॉम्बे को भारत की तरफ से १९८८ में ऑस्कर अवार्ड के लिए आधिकारिक फिल्म के रुप में भेजा गया। यह फिल्म भी अंतिम पांच में स्थान बनाने में कामयाब रहीं लेकिन अवार्ड नहीं जीत सकी।

‘लगान’ : २००१ में आशुतोष गोवारिकर के निर्देशन में बनीं फिल्म लगान भारत की आधिकारिक फिल्म के रुप में ऑस्कर अवार्ड के लिए नामांकित तो हुई लेकिन अवार्ड जीत पाने में सफल नहीं हो सकी। यह फिल्म हिन्दी और अंग्रेजी में बनीं थी।

स्पष्ठ है भारत के द्वारा भेजी गई कोई भी आधिकारिक फिल्म अभी तक विदेशी भाषा की श्रेणी केतहत ऑस्कर नहीं जीत सकी है ऐसे में क्या मराठी फिल्म हरिश्चंद्राजी फैक्टरी ऑस्कर अवार्ड जीत कर नया इतिहास रचेगी? यह तो आने वाला समय ही बताएगा १क्क् करोड़ भारतीयों की उम्मीद जीत की परवाज को छू ले रिश्चंद्राजी फैक्टरी से हम यहीं उम्मीद कर सकतें है।


Rajesh yadav




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