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दिल की गुल्लक में हिट है ‘कमीने ’


निर्देशक - विशाल भारद्वाज


लेखक - विशाल भारद्वाज


संगीतकार - विशाल भारद्वाज


गीतकार - गुलजार


बैनर - यूटीवी मोशन पिक्चर्स


कलाकार - शाहिद कपूर, प्रियंका चोपड़ा, अमोल गुप्ते


शाहिद कपूर और प्रियंका चोपड़ा के अभिनय से सजीं फिल्म ‘कमीने ’दर्शकों का दिल जीतने वाली फिल्म है। यह एक ऐसी फिल्म है जो दर्शको की अपेक्षाओं पर खरी उतरती है और इसके लिए फिल्म के निर्देशक विशाल भारद्वाज को आप साधुवाद दे सकते है। फिल्म की कहानी, संगीत और गीत बेहतरीन है और विशाल भारद्वाज ने अपनी इस फिल्म के माध्यम से एक बार फिर साबित कर दिखाया है कि क्यों उनकी फिल्मों का दर्शकों को इंतजार रहता है।


फिल्म चार्ली और गुड्डू (शाहिद कपूर) नामक दो जुड़वा भाईयों को जिंदगी पर आधारित है। चार्ली तेज तर्रार है और जिंदगी की रेस में जीतने के लिए वह हर रास्ते को सही मानता है वहीं दूसरी तरफ गुड्डू सच के रास्ते पर चलने वाला इंसान है और उसे अपनी कालेज की दोस्त स्वीटी (प्रियंका चोपड़ा) से मोहब्बत हो जाती है।


स्वीटी गर्भवती हो जाती है जिसके बाद वह गुड्डू के साथ अचानक विवाह कर लेती है इधर चार्ली की जिंदगी में भी ट्विस्ट आता है और उसे एक बड़ी गैंग का कोकीन से भरा गिटार अचानक मिल जाता है। इसके बाद फिल्म तमाम उतार चढ़ाव के साथ आगे बढ़ती है और हिंसा और मारधाड़ के साथ फिल्म आगे बढ़ती है। हालांकि बाद में चार्ली जिंदगी के सही रास्ते की तलाश अपने भाई को बचाने के लिए करता है।


जहां तक कलाकारों के अभिनय की बात है तो शाहिद कपूर ने अपनी दोहरी भूमिकाओं के साथ बेहतरीन न्याय किया और अब तक की उनकीं सर्वश्रेष्ठ अभिनय वाली फिल्म है। स को फ बोलने वाला अंदाज हो या चार्ली के कमीने वाला अंदाज शाहिद ने दोनों भूमिकाओं में दिल जीतने वाला अभिनय किया है। प्रियंका चोपड़ा ने अपनी पहचान के अनुसार बेहतरीन काम किया है । फिल्म में उन्होंने कुछ बोल्ड अंदाज में अभिनय किया है जो काफी उम्दा बन पड़ा है।


फिल्म की सबसे बड़ी खास बात गुलजार द्वारा लिखे गीत के बोल और विशाल भारद्वाज का संगीत है। गीत संगीत बेजोड़ है और जिसे देखने और सुनने का अपना अलग ही आनंद है। सबसे बड़ी बात फिल्म में जो बैगग्राउंड म्यूजिक है वह उम्दा बन पड़ा है और फिल्म को इससे बहुत मजबूती मिली है।
जहां तक फिल्म के कमजोर पक्ष की बात है तो फिल्म का अंत उतना रोमांचक नहीं है।


पटकथा में कई जगह कुछ अन्य बातों की तरफ दर्शकों को संदेश देने का प्रयास भी किया गया है। विशाल सपनों के जिस शहर में रहते है उसे आज मुंबई कहा जाता है लेकिन कभी इसे बंबई कहा जाता था। विशाल ने फिल्म के माध्यम से आज के बदलते हालात और राजनीतिक के कारण इसांन की जिंदगी में आने वाले परिवर्तन की तरफ भी सकेंत किया है। कुछ बातों को छोड़ दिया जाय तो ‘कमीने ’भरपूर मनोंरजन प्रधान फिल्म है जो देखने योग्य है।


*** 1/2


RAJESH YADAV

टिप्पणियां

Arun ने कहा…
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