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बयान तो मायावती का भी शर्मनाक था..

उत्तरप्रदेश की वर्तमान मुख्यमंत्री मायावती ने रीता बहुगुणा जोशी के बयान पर कानून का डंडा चलाते हुए साफ कह दिया है कि इस पूरे मामले में कानून काम करेगा। महिलाओं के साथ रेप होना बेहद शर्मनाक घटना सभ्य समाज में मानी जाती है लेकिन जब रेप की शिकार महिलाओं को राजनीति में वोट बैंक की तरह इस्तेमाल किया जाता है तो इस तरह के बयान सामने आते है लेकिन यहां केवल रीता बहुगुणा अकेली नहीं है, खुद कभी मायावती ने भी 2007 में कुछ ऐसी ही भाषा का इस्तेमाल किया था।

समय के आईने में दोनों घटनाओं में अंतर हो सकता है लेकिन बयान की भाषा तब भी शर्मनाक था जब मायावती ने मुलायम सिंह के लिए कहा था और इस बार रीता बहुगुणा जोशी ने भी ठीक वैसे ही शब्द मायावती के लिए इस्तेमाल किए है।



तस्वीर का पहला पक्ष : दिन 17 जनवरी 2007

बयान किसने दिया : मायावती

किसके खिलाफ : तत्कालीन मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव के खिलाफ

क्या कहा था : मुलायम जी, आपने बलात्कार की शिकार बच्ची को 2 लाख रुपये दिलवाए.आपकी बेटी नहीं है, लेकिन आपके भाई की बेटी तो होगी या आपके किसी रिश्तेदार की बेटी होगी, अगर उसका बलात्कार हो जाए तो मुस्लिम समाज उसको 4 लाख रुपए दे देगा।

क्या था मामला = दरअसल यह बयान मायावती ने मुस्लिम समुदाय की तीन छात्राओं के साथ गैंगरेप की वारदात की घटना सामने आने के बाद दिए थे।



तस्वीर का दूसरा पक्ष:

दिन : 15 जुलाई 2009

बयान किसने दिया : रीता बहुगुणा जोशी
किसके खिलाफ : उत्तरप्रदेश की मुख्यमंत्री मायावती के खिलाफ



क्या कहा बयान में :
मेरठ में जिस लड़की से बलात्कार हुआ, उसको 25 हजार दिया। दूसरी जगह एक नवविवाहित गूंगी बहरी महिला के पति को 25 हजार दिए। तीसरी जगह मारी गई लड़की के बाप को 75 हजार दिया। मैं कहती हूं फेंक दो ऐसा पैसा मायावती के मुंह पर कह दो कि हो जाए बलात्कार, मैं तुझे एक करोड़ रुपये देने को तैयार हूं।



तस्वीर के दो पक्षों को देखने के बाद हमारे राजनेताओं की सोच और समझ को समझा जा सकता है। क्या इन नेताओं के बल पर 2020 तक सुपर पॉवर भारत का निमार्ण के बारें में सोचा जा सकता है? क्या सवेंदशीलता और भाषा के पतन के दौर से गुजर रही राजनीति में इतनी शक्ति बचीं है जिसके बल पर देश में न्याय के राज्य की स्थापना हो सकती है?


सोचों और जबाब दो क्योंकि एक सभ्य समाज का मौन हो जाना..सचमुच बहुत खतरनाक होता है...


RAJESH YADAV

टिप्पणियां

Gyan Darpan ने कहा…
मायावती से तो सभ्य व्यवहार की उम्मीद करना ही बेकार है |
मायावती तो मायावती हैं, लेकिन रीता बहुगुणा जोशी भी शायद अपने पिता, स्व. हेमवती नंदन बहुगुणा के आदर्श भूल चुकी हैं। उन्होंने अपने राज्य की महिला मुख्यमंत्री के खिलाफ अपशब्द कह दिया, और जवाब में उनके घर पर हुई तोड़फोड़, आगजनी को मुख्यमंत्री उचित ठहराएं, यह उत्तर प्रदेश की राजनीति के पराभव की कहानी है।

उत्तर प्रदेश, जो कभी राजनीतिक शालीनता का पर्याय हुआ करता था, आज अपने राजनेताओं का –वह भी महिला राजनेताओं का यह बर्ताव देख कर स्तब्ध है।
Udan Tashtari ने कहा…
पूरा का पूरा घटनाक्रम ही अफसोसजनक, शर्मनाक और दुर्भाग्यपूर्ण है.

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